वन्दे मातरम्
डॉ योगेन्द्र नाथ शर्मा ‘अरुण’
लहराएँ हम आज तिरंगा,
करें राष्ट्र का नित वंदन!
मिलकर बोलें सभी साथियो,
वन्दे, वन्दे मातरम!
करें राष्ट्र का नित वंदन!
मिलकर बोलें सभी साथियो,
वन्दे, वन्दे मातरम!
उन वीरों का जयघोष करें,
कुर्बान हुआ जिनका जीवन!
मिल कर बोलें सभी साथियों,
वन्दे, वन्दे मातरम्!
कुर्बान हुआ जिनका जीवन!
मिल कर बोलें सभी साथियों,
वन्दे, वन्दे मातरम्!
काश्मीर है मुकुट हमारा,सारी दुनिया को बतला
दें!
जो भी आँख उठाए इस पर,नरक उसे हम पहुँचा दें!!,
जो भी आँख उठाए इस पर,नरक उसे हम पहुँचा दें!!,
बतला दें सारी दुनिया को,
है जान से प्यारा हमें वतन!
मिल कर बोलें सभी साथियों,
वन्दे, वन्दे मातरम्!
हम भगत सिंह के वंशज हैं,है जान से प्यारा हमें वतन!
मिल कर बोलें सभी साथियों,
वन्दे, वन्दे मातरम्!
है प्राण से प्यारी
आज़ादी!
इसके आड़े जो
आएगा,उसकी है निश्चित बरबादी!!
आज़ाद तिरंगा लहराएगा,
न्योछावर इस पे हैं तन-मन!
मिल कर बोलें सभी साथियों,
वन्दे, वन्दे मातरम्!
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न्योछावर इस पे हैं तन-मन!
मिल कर बोलें सभी साथियों,
वन्दे, वन्दे मातरम्!
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