भोजपुरी गीत/ डॉ. शिप्रा मिश्रा
1- जा रे
बदरवा
जा रे बदरवा सनेसवा ले जा रे!
कारे बदरवा सनेसवा ले जा रे!
अबकी सावन घर आजा ओ सइयाँ! आजा!
अमुवा के डढ़िया हिड़ोलवा डलाइल
हरी- हरी चूड़ियाँ आ चुनरी ओढ़ाइल!
हिड़ोलवा हमें नाहीं भावे ओ बिदेसिया आजा!
सखी सब झुलुआ घुमरी परावे हो!
मुँहवा झुराइल देखी के चिढ़ावे हो!
अब कइसे धीर धरी बोल निरमोहिया आजा!
बरसे बदरिया त कड़के बिजुरिया हो!
गतर -गतर सिहरेला धड़केला छतिया हो!
भय लागे पिया बिनु कटे नाहीं रतियाँ आजा!
देसवा के ओरी-छोरी देखी के बदरिया हो!
हमरा बोला के ले जा अपनी नगरिया हो!
बिना तोहरे कइसे काटीं भरल जवनिया आजा!
2 सुन हो कन्हाई
उठाव ना कन्हाई गगरी बड़ी भारी
दुनिया परल बा भरम के मझारी।
नन्ही चुकी गोड़ हमर नन्ही चुकी हाथ बा
अगड़ी पिछाड़ी कवनो संगी ना साथ बा
संझा होई त घरवा चहुँपेम अबेरी।
अंखिया खोल ना कन्हाई!
चढ़ल जवानी हमार लचकत कमरिया
गरजे बदरिया आजु चमकत बिजुरिया
बजरी दुल्हवा हमरा दी बड़ी गारी।
आइल बुढ़ारी त अँखिया धुधुआई
देह के मोटरिया अब नाहीं ढोवाई
मउत सउतिया हमके घर से निकारी।
सँवार ना कन्हाई!
मटिया के देह ह ई पनिया परान बा
धरती अकासे में दुनिया हरान बा
तोहरा के छोड़ अउरी के सँवारी।
डॉ. शिप्रा मिश्रा
शिक्षण एवं स्वतंत्र लेखन
बेतिया, प० चम्पारण, बिहार