पथ के साथी

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Sunday, June 21, 2015

वृक्षों की छाया



1- (योग-दिवस पर विशेष ज्योत्स्ना प्रदीप के हाइकु)
1











2
उमर भर
अनुलोम -विलोम
करें लहरें
3
सुनो समीर !
भ्रामरी -गुंजन से
दूर हो पीर
4
जगाओ नहीं
शवासन में लेटें
नग योगी को
5
सारे आसन
समय -योग -गुरु
खूब सिखाए
-0-
2-रामेश्वर काम्बोज हिमांशु
1
नींद छीनते
बरसा कर मोती
खज़ाने वाले ।
2
लोभी है मन
बटोरना चाहता
बिखरा धन।
3
रस का लोभी
जगे रजनी भर
नींद उड़ी है ।
4
मन के मोती
मिलते हैं जिसको
वह क्यों सोए?
5
अमृत खोया
चाँदनी रातों में भी
जो कभी सोया।
6
झरे चाँदनी
सब खुले झरोखे
नींद नहाए।
7
शान्त रात में
टिटिहरी जो चीखी
जंगल जागा।
8
नींद उचाट
यादों की तरी लगी
मन के घाट ।
9
याद जो  आए
सभी साथी पुराने
भीगी  पलकें ।
10
स्नेह की बातें
फिर से याद आईं
फूटी रुलाई ।
11
भोर सुहानी
उतरी है अँगना
मुदितमना।
-0-
( चित्र: गूगल से साभार)

Thursday, May 28, 2015

करो पावन



गंगा दशहरा के  अवसर पर  विशेष डॉ ज्योत्स्ना शर्मा का हाइगा

Thursday, March 19, 2015

शुभकामनाएँ !!


आदरणीय काम्बोज भाई जी को जन्मदिन के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ ...
इन शब्दों के साथ ........

1-भावना सक्सैना
1
दुआ आज की
खुशी चूमे कदम
मुस्काओ सदा ।
-0-
2-हरकीरत हीर
1
दुआ हमारी
यश समृद्धि सदा 
चूमे कदम ।
-0-
3-तुहिना रंजन
1
स्नेह आशीष
असीम शुभेच्छाएँ
वरद हस्त |
-0-
4-डॉ सरस्वती माथुर 
1
मन दे दुआ 
सौ वर्ष की उम्र हो 
आपकी भैया !
-0-
4-प्रियंका गुप्ता
1
आपका हाथ
बन के आशीर्वाद
सदा हो साथ ।
2
खुशियों भरी
हर पल ज़िंदगी
खिलखिलाए ।
3
जीता रहा जो
अहंकार-विहीन
महान वही ।
 -0-

5-अनिता ललित 

आपके जीवन में सूर्य सा तेज हो 
चन्द्रमा सी शीतलता हो 
सागर सी गहराई हो 
निर्झर सी ताज़गी हो 
झील सी सौम्य शान्ति हो 
पर्वतों सी अडिगता हो 
आपके सभी अपनों तथा 
हम सब के आदर व प्रेम की शक्ति हो  !
आप दीर्घायु हों और सदा स्वस्थ रहें !!
आपका स्नेह व आशीर्वाद भरा हाथ हम सब के सिर पर सदा सदा बना रहे !!!
ईश्वर आपको सदा स्वस्थ ,सुखी ,समृद्ध ,सन्तुष्ट व शांत रखे !
~ आमीन !!!!!
-0-


6-ज्योत्स्ना प्रदीप
1
जीवन  में आपका अगमन
मानो श्रीराम का  आशीष है
मुस्करा रही है भोर भोली
मगन उधर रजनीश है  
2
ईश करे पूर्ण सुन्दर सात्विक -स्वप्न
खिलते रहें पुष्प -से हर पल, हर क्षण
माँ दुर्गा के असीम  शीर्वचन से
होंगे पूरे जीवन के  सारे प्रण

-0-