पथ के साथी

Thursday, February 19, 2015

मेरा क्या है दोष ?



नवगीत
रमेश गौतम

माँ मैं भी
दुनिया देखूँगी
        देना दो नयना ।

मेरा क्या है दोष
पक्ष माँ मेरा सुन लेती
जीवन देने से पहले
क्यों मृत्यु दण्ड देती
मेरा भी है
जन्म जरूरी
        माँ सबसे कहना ।

मेरी भी किलकारी से
गूँजे तेरा आँगन
मैं भी तो जानूँ होता है
माँ कैसा बचपन
राखी का अधिकार
मिले तो
        कहलाऊँ बहना ।

सप्तपदी का मतलब
माता क्या रह जाएगा
बिन गुडि़या के गुड्डा कैसे
ब्याह रचाएगा
कन्यादान करो
तो पहनूँ
        माँ बिछुए गहना ।

आहत हल्दी, बिंदिया, चूड़ी
दर्पण का विश्वास
धरती ही न रही
करेगा, क्या केवल आकाश
मेरे बिना सफल
क्या कोई
        अनुष्ठान करना ।

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