पथ के साथी

Saturday, July 18, 2026

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1. मेघ से मनुहार/ भावना चौधरी 

 


श्याम-वर्ण मेघा सघन

 चीरकर विस्तृत गगन

 दामिनी को साथ लेकर

 गर्जना का नाद लेकर

 न तपन भू पर बचेगी।

 

आगमन हुंकार दे दो

श्रावणी फुहार दे दो

 

यह धरा ऊसर है तुम बिन

 नद स्तर है निम्न तुम बिन

 कितने जोड़े सूखी आँखें 

बाट जोहती रोज दिन गिन

 

तप्त धरती, शुष्क वन हैं 

आस में सूखे नयन हैं

 

तप्त भू, हारे हृदय को

आशा का संचार दे दो 

श्रावणी फुहार दे दो 

तर गला कर दो डगर का 

अंक भर दो सर-सगर का 

आज धरती पर लुटा दो 

कोष संचित वर्ष भर का

फिर मयूरा मन में नाचे

मन प्रणय की पाती बाँचे

इंद्रधनुष के रंग सजाकर

अधरों को मल्हार दे दो।

-0-कोटा, राजस्थान।

 

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2.नदी / सुरभि डागर 

 


कल-कल करती बहती नदी,

जीवन का संगीत सुनाती।

पर्वत की गोदी से निकल,

धरती का शृंगार बढ़ाती॥

 

शीतल जल की निर्मल धारा,

सबकी प्यास सदा बुझाती।

खेतों में हरियाली भरकर,

अन्न की खुशियाँ ले आती॥

 

पथ में चट्टानें हों चाहे,

रुकना उसने कभी न जाना।

संघर्षों से लड़ते-लड़ते,

जीवन का संदेश सुनाना॥

 

पक्षी, वन, उपवन और पशु,

सबका वह जीवनन जाती।

ममता की अविरल धारा-सी,

हर मन में विश्वास जगाती॥

 

आओ हम सब मिलकर इसकी,

निर्मलता का मान बढ़ाएँ।

प्रदूषण से बचा नदियों को,

स्वच्छ धरा का स्वप्न सजाएँ॥

 

कल-कल करती बहती नदी,

प्रकृति का अनुपम उपहार।

जीवन की यह अमृत-धारा,

जग के प्राणों का संचार॥

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3-तलाश /  शिवानी रावत 

 


    ना भूत की, ना भविष्य की 

     ना  तख्त - ओ ताज की 

      मुझे तलाश आज की

        हाँ सच बिके ना

      हाँ झूठ टिके ना

 हाँ दिल से दिल जुड़े हो

 हाँ सुख-दुख में सब

एक दूजे संग खड़े हो 

हाँ रिश्तो में अटूट विश्वास हो 

हाँ प्रेम ,सहयोग, सम्मान का वास हो

 ऐसे सुंदर समाज की 

 मुझे तलाश आज की 

 आपस में हो प्रेम और बढ़े भाईचारा

 सीता - सा धैर्य, राम - सी मर्यादा

 रिश्तो में स्वार्थ कम, हो प्रेम ज्यादा

हाँ अमीरी का रौब न हो

हाँ गरीबी पीड़ित ना हो

हाँ दया ,धर्म क्षमा का भाव हो

  ऐसे आदर्श समाज की

  मुझे तलाश आज की 

हाँ संस्कार ,संस्कृति का प्रसार हो

 हाँ युवा बच्चों में बूढ़े माँ-बाप के प्रति 

प्यार और सत्कार हो 

भले न पूजे कोई भगवान

बस मन में ना हो छल कपट और अभिमान 

हाँ मानवता को से सबका नाता हो 

  ऐसे निर्मल समाज की 

  मुझे तलाश आज की।

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