पथ के साथी

Thursday, August 18, 2016

656



सुनीता काम्बोज

भाई-
सुनीता काम्बोज
1



पिताजी की छवि दिखती वो माँ का रूप लगता है

मेरा भैया -सा भाई तो नसीबों से ही मिलता है



कभी लगता गुरु- सा वो, कभी मेरी सहेली सा

मेरी खुशियाँ रहे क़ायम, दुआ वो रोज़ करता है



ये जिम्मेदारियाँ सारी निभाता वो सदा घर की

है सारी ही उम्मीदों पर ,खरा हरदम उतरता है



तिलक तुझको लगा दूँ मैं ,आ तेरी आरती करके

निग़ाहों में मुझे उसकी सदा ही फ़र्ज़ दिखता है



सुनीता की दुआएँ हैं उसे कोई न दुख आए

मुझे तो चैन मिल जाता ,वो जब फूलों-सा हँसता है



2


ड़ा निश्छल ,बड़ा पावन ,बहन और भाई का बंधन

तुझे ही देखके लगता कि जैसे आ गया बचपन



कलाई पर तुम्हारी मैं ये अपना प्यार बाँधूँगी

तू चमके चाँद -सूरज -सा यही वरदान माँगूँगी

जिए जुग-जुग मेरा भैया ,मिले जग की सभी खुशियाँ

तेरे ग़म भी मुझे दे दे मैं रब से ये ही बोलूँगी



नजर तुझको न लग जाए लगा दूँ आँख का अंजन

तुझे ही देखके लगता कि जैसे आ गया बचपन



मेरी आँखों का सूनापन नही वो देख पाता है

मेरी आँखों में आँसू हो तो खुद ही छटपटाता है



शरारत से अभी भी वो नही यूँ बाज है आया

बड़ा होकर भी खुद को वो सदा छोटा बताता है



बहन तेरी ये कुमकुम- सी ये भाई है मेरा चन्दन

तुझे ही देखके लगता कि जैसे आ गया बचपन



हो मन उसका अगर भारी, पिता माँ से छिपाता है

किसी को भी नहीं कहता ,मुझे आकर बताता है



सुनीता डाँट देती है तो मुँह अपना फुला लेता

अगर मैं रूठ जाती हूँ ,मुझे अक्सर मनाता है



उसी की ही महक से तो मेरा घर भी लगे उपवन

तुझे ही देखके लगता कि जैसे आ गया बचपन

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रक्षा-बन्धन
डॉ०पूर्णिमा राय
रक्षा बन्धन आ गया, बहना का ले प्यार।।
दिवस 'पूर्णिमा' कर सजे,रक्षाबंधन तार।
रक्षाबंधन तार, राखियाँ प्यारी चमके
शाश्वत केवल प्यार, बहन के मुख पे दमके।
राखी का उपहार ,मुझे यह दे दो भिक्षा
महके आँगन प्यार, बहन की हरदम रक्षा।।

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मनमोहक राखी चमक,फैली चारों ओर।
बहन-प्रेम के सामने,किसका चलता जोर।।
किसका चलता जोर,बदल गई मन भावना,
ये रेशम की डोर,फैलाये सद् भावना।।
देखें गर इतिहास ,मिला कर्मवती को हक
जागे मन विश्वास ,धर्म भाई मनमोहक।।

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Monday, August 15, 2016

655



1-अनिता ललित
1-जय हिन्द!

गूगल से साभार
खाकर गोली
सीने पर अपने
थमा गए हम सबको
आज़ादी का प्याला
वो वीर हिंदुस्तानी
सो गए जो सरहद पर
ओढ़कर बर्फ़ की चादर,
अपनों से दूर...
'इन्द्रधनुषी' सपनों को
'तिरंगे' में समेट कर।
खून से अपने... सींचकर
वतन की धरती
मिट गए.. मिल गए ..
उसी माटी में...!
वो 'ऋण' उनका..
चुका पाएंगे क्या हम कभी ?
वो सपने उनके...
फूलों से आशीष की तरह ...
आज भी बरसते हैं
जो...अपने तिरंगे से ...
वो महक 'आज़ादी' की...
क्या दिल से मिटा पाएँगे कभी ...?
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2-अनिता मण्डा
1-भगतसिंह
अनिता मण्डा

http://www.crossed-flag-pins.com से साभार
आजादी को माना दुल्हन, फंदा फाँसी का चूमा।
भगतसिंह की निडरता से, अंग्रेजों का सिर घूमा।
बलिदानों के पथ के राही को वे रोक न पाते थे।
इंकलाब के नारे देते, आगे बढ़ते जाते थे।
करतार सराभा को जिसने, माना नायक अपना था।
गोरों के अत्याचारों से, आज़ादी ही सपना था।
बीज ग़दर के बचपन से ही, मन माटी में उग आए।
प्रतिशोध लिया लालाजी का, मार साण्डर्स हर्षाए।
साहस से सींचा था जीवन, राह भरी अंगारों से।
बम असेम्बली में था फेंका, तोड़ी नींद विचारों से।
मातृभूमि की माटी को वे रखकर अपने माथ चले।
राजगुरु सुखदेव- से साथी, अंत समय तक साथ चले।
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2-सैनिक-(गीत)
अनिता मण्डा

भारत माँ के बेटे करते, सरहद की रखवाली।
पाक न तू बच पाएगा जो, गंदी नज़रें डाली।
सींचा लहू से शहीदों ने , तब आई आज़ादी।
सर्दी -गर्मी सहकर इनका, जिस्म बना फ़ौलादी।
चाहे तपता सूरज हो फिर, या रातें हों काली।
भारत माँ के बेटे करते, सरहद की रखवाली।
सदियों तक रहती है सबको, इनकी याद कहानी।
धरती को है किया बिछौना, नभ की चादर तानी।
सरहद पर ही मनती इनकी, होली और दिवाली।
भारत माँ के बेटे करते, सरहद की रखवाली।
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वन्दे मातरम्
डॉ योगेन्द्र नाथ शर्मा अरुण

लहराएँ हम आज तिरंगा,
करें राष्ट्र का नित वंदन!
मिलकर बोलें सभी साथियो,
वन्दे, वन्दे मातरम!
जो भारत पर कुर्बान हुए,हम याद करें उन वीरों को!
क्रूर फिरंगी से जूझी जो,उन मतवाली शमशीरों को!!
उन वीरों का जयघोष करें,
कुर्बान हुआ जिनका जीवन!
मिल कर बोलें सभी साथियों,
वन्दे, वन्दे मातरम्!
काश्मीर है मुकुट हमारा,सारी दुनिया को बतला दें!
जो भी आँख उठाए इस पर,नरक उसे हम पहुँचा दें!!,
बतला दें सारी दुनिया को,
है जान से प्यारा हमें वतन!
मिल कर बोलें सभी साथियों,
वन्दे, वन्दे मातरम्!
हम भगत सिंह के वंशज हैं,

है प्राण से प्यारी आज़ादी!
इसके आड़े जो आएगा,उसकी है निश्चित बरबादी!!
आज़ाद तिरंगा लहराएगा,
न्योछावर इस पे हैं तन-मन!
मिल कर बोलें सभी साथियों,
वन्दे, वन्दे मातरम्!
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पूर्व प्राचार्य,74/3,न्यू नेहरु नगर,रूडकी-247667
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