पथ के साथी

Saturday, August 16, 2008

राखी के तार



राखी के तार




समय की धार –


नहीं बदल सकती अटूट रिश्ते


जोड़ते जिसे राखी के तार ।


अवसर मिलता रहे हर बार


यही कामना एक बहन की है


सुन ले प्रभु ! मेरी पुकार ।



-श्रीमती सुदर्शन रत्नाकर


16 अगस्त 08


>>>>>>>>>>>>>>>>>>



पावन प्यार ।


भले सूरज पथ बदले


बदल सकती हैं नदियाँ


अपनी अविरल धार ।


पर बदलता नहीं कभी


भाई –बहिन का गंगा-


जैसा पावन प्यार ।



- रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'


16 अगस्त 08


1 comment: