1- ओ कन्हैया /डॉ. कनक लता मिश्रा
ले लो अपनी शरण में कन्हैया
रखलो हमको भी पलको की छइयाँ
ओ कन्हैया…
सौप दिए अपने सब रंग तुमको
अपने ही रंग में अब रँग लो ना
हमको
कुछ भी मेरा ना मैं क्या दूँ रंगइया
ओ कन्हैया
ले लो अपनी…
अपना नहीं जग में कुछ भी ओ कृष्णा
मन से मिटे मोह माया न तृष्णा
पार तुम ही करो मोरे बंसी बजइया
ओ कन्हैया
ले लो अपनी…
झूठ कपट छल में डूबा जगत् है
बिखरा जीवन में बिखरा अँधेरा विकट
है
लिखके कान्हा भरो मोरी कोरी चुनरिया
ओ कन्हैया
ले लो अपने..
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ओ कान्हा! आया जन्मदिन तेरा/ डॉ. वंदना शर्मा
ओ कान्हा! आया जन्मदिन तेरा
फूल चढ़ाऊँ, माखन खिलाऊँ
घर को सजाऊँ, बता
तुझे कैसे रिझाऊँ
ओ कान्हा! आया जन्मदिन तेरा
फल चढ़ाऊँ, मेवा चढ़ाऊँ
मन के सुमन भी सारे
तुझे अर्पण कर जाऊँ
बता तुझे कैसे रिझाऊँ
ओ कान्हा, आया जन्मदिन तेरा
भजन गाऊँ, आरती गाऊँ
सुबह शाम, आठो याम
नाम तेरा बस रटती जाऊँ
बता तुझे कैसे रिझाऊँ
ओ कान्हा! आया जन्मदिन तेरा
सबकी बिगड़ी बनाए
मुरली ऐसी सुनाए
पल में कर दे
खुशियों की छाँव
बता तुझे कैसे रिझाऊँ
ओ कान्हा आया जन्मदिन तेरा


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