तो मिले उपहार
-डॉ. जेन्नी शबनम
1.
राखी- त्योहार
भाई है शर्मसार
जेब है ख़ाली
कैसे ले उपहार
मँहगाई की मार।
2.
राखी है आई
भाई है परदेस
बहना दुःखी
वीडियो-कॉल आया
बहन मुस्कुराई।
3.
स्नेह का धागा
जोड़े रखता नाता
भाई-बहन
भले हों दूर-दूर
पर प्रेम अटूट।
4.
नन्ही बहना
पहनके गहना
चहक रही
राखी पर भइया
लाया प्यारा तोहफ़ा।
5.
राखी त्योहार
क्यों आता एक बार?
बहना सोचे-
हो हर इतवार
तो मिले उपहार।
-0-

बहुत बढ़िया अभिव्यक्ति है डॉ वंदना शर्मा
ReplyDeleteभावपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए डाॅ.जेन्नी शबनम जी को आत्मीय बधाई।
ReplyDeleteविभा रश्मि (हैदराबाद )
पयारी पंक्तियां - रीता प्रसाद
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