1-देह नेह की बातें
ज्योत्स्ना प्रदीप
देह-नेह की बात करो ना
बाहों का सहारा दे दो
चाँद की आभा सभी लूटते
मुझको बस तारा दे दो ।
नदियों ने छुपा ली जवानी
न सागर ने मन की जानी
मेघों की न
कीअभिलाषा
मुझको एक धारा दे दो ।
सुना - प्रेम धधकती अगन है
सबको इसी की
लगन है
महा अनल से लेना है क्या?
मुझको इक
अंगारा दे
दो ।
घर की चाह में भटके किधर
आ जाना कभी
मेरे भी नगर
प्यार की ईंटे लिये खड़ी हूँ
विश्वास का गारा दे दो ।
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2-इन्दु गुलाटी
परदों से झाँकती ज़िदगी
अनंत संभावनाओं की तलाश में
जैसे तैयार हो रही हो
एक सफल उड़ान भरने को...
एक परितृप्त श्वास से भरपूर
और नवीन सामर्थ्य से परिपूर्ण
ये उठी है नया पराक्रम लेकर
नवजीवन के प्रारम्भ का विस्तार छूने।
परिधियों से बाहर आने की आतुरता
आसक्ति नहीं, प्रतिलब्धता
समीक्षा नहीं,अनंतता
विस्तारित व्योम को बस छू लेने की लालसा.....
परदों से झाँकती ज़िन्दगी।।
ज्योत्स्ना प्रदीप सुंदर प्रतीकात्मक गीत .
ReplyDeleteप्यार की ईंटे लिये खड़ी हूँ
विश्वास का गारा दे दो ।
जीवन दर्शन का सार इन पंक्तियों में लाजवाब है .
इन्दु गुलाटी जी होंसलों को उड़ान देती सुंदर कविता .
आप दोंनों को बधाई .
बहुत सुंदर कविताएँ । ज्योत्स्नाजी ,इन्दुजी बधाई।
ReplyDeleteविश्वास का गारा...सहज ,सरल भाषा में बेहद ख़ूबसूरत रचना ! हार्दिक बधाई ज्योत्स्ना जी
ReplyDeleteसुंदर ,सकारात्मक रचना इन्दु जी बहुत बंधाई !!
बहुत सुंदर कविताएँ ज्योत्स्ना जी व इंदु जी बधाई |
ReplyDeleteपुष्पा मेहरा
प्रोत्साहन के लिए आप सब का बहुत बहुत आभार।
ReplyDeleteप्रोत्साहन के लिए आप सब का बहुत बहुत आभार।
ReplyDeleteज्योत्सना जी की देह नेह की बातें और इंदु जी की पर्दों से .....सुंदर भावपूर्ण लगी बधाई ।
ReplyDeleteअति सुंदर कविताएँ.... ज्योत्स्ना जी, इन्दु जी बधाई।
ReplyDeleteज्योत्सना जी ,इन्दु जी बहुत सुन्दर लगी आप दोनों की कवितायें । शब्द संयोजन बहुत उत्तम बन पड़ा है इन्दु जी आप की कविता में । बधाई । देह - नेह में नन्ही सी कामना का सुन्दर चित्रन हुआ है -महा अनल से क्या लेना मुझ को इक अंगार दे दो ।वाह ! बधाई ज्योत्सना जी ।
ReplyDeleteबहुत सुंदर कविताएँ ज्योत्स्ना जी व इंदु जी बधाई |
ReplyDeleteपरदों से झाँकती ज़िन्दगी ...सुंदर भावपूर्ण लगी बधाई इंदु जी!!
ReplyDeleteपरदों से झाँकती ज़िन्दगी ...सुंदर भावपूर्ण लगी बधाई इंदु जी!!
ReplyDeleteभैया जी का साथ ही आप सभी का प्रोत्साहन के लिए बहुत- बहुत आभार।!!!
ReplyDeleteप्यारी सी कविताओं के लिए आप दोनों को बहुत बधाई...|
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