लेखक का
पाठक होना ही सृजन की दृष्टि है - ऋता शेखर ‘मधु’
सृजन- दृष्टि
(समीक्षा- संग्रह): डॉ. शिवजी श्रीवास्तव, पृष्ठ - 192, मूल्य - 550/- , प्रकाशन - अयन प्रकाशन, उत्तम नगर, नई दिल्ली
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सृजन-दृष्टि सिर्फ एक लेखक
की नहीं बल्कि उस लेखक की पुस्तक है जो एक विचारशील और सम्वेदनशील पाठक भी हैं। 33 पुस्तकों को पढ़ना और उस पर पाठकीय प्रतिक्रिया देना , लेखक के साहित्यिक अनुराग को प्रदर्शित कर रहा है।
पुस्तक के फ्लैप के एक ओर डॉ.कुँवर दिनेश
सिंह जी हैं और दूसकी ओर रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु' जी हैं।
आजकल लेखक बहुत हैं; पर वैसे लेखक कम हैं, जो पाठक भी हों। पुस्तक का प्रकाशन लेखकों के लिए बड़ी बात होती है, पर उससे भी बड़ी बात होती है पुस्तक को उपहारस्वरूप किसी को देना। सबसे बड़ी बात होती है उन पुस्तकों को पढ़कर उसपर विचार रखना। किन्तु आज के व्यस्त जीवन में उपहार में मिली पुस्तकों पर धूल की परत जम जाती है, तब लेखक को पता चलता है कि पुस्तकों को पढ़कर प्रतिक्रिया के रूप में उसकी कद्र करने की आवश्यकता किसने समझी और किसने नहीं। डॉ. शिवजी श्रीवास्तव पहले से पाठकीय प्रतिक्रिया लिखते रहे हैं। उसे पुस्तक रूप में लाना उनकी सकारात्मक सोच को प्रदर्शित कर रहा। हर पुस्तक पर लेखक के विचार को समझकर अन्य पाठक भी अवश्य पुस्तक की ओर आकर्षित होंगे। समीक्षा एक गहन कार्य है। यह समकालीन साहित्यिक कृतियों का मूल्यांकन है और इसमें पिछले दस वर्षों में छपी भिन्न-भिन्न विधाओं की पुस्तकें शामिल की गई हैं। अनुक्रम में पुस्तकों की विषय वस्तु के अनुसार शिवजी श्रीवास्तव जी की ओर से सटीक और सार्थक शीर्षक दिए गए हैं। सम्पूर्ण पुस्तक को चंद शब्दों से शीर्षक में बाँधना ,उसकी विशेषता बताना लेखक की लेखकीय परिपक्वता को दर्शाता है। अनुक्रम में सिर्फ शीर्षक है, उनसे सम्बन्धित पुस्तक और लेखकों के नाम नहीं। उन पुस्तकों के लेखकों के नाम और कृतियों का परिचय पाने के लिए आलेख तक पहुँचना आवश्यक है। मैं उन शीर्षकों के साथ लेखकों के नाम उद्धृत कर रही हूँ। ।
1 .
आजादी के परवानों पर लिखी गयी पुस्तकें…
भगत सिंह के जीवन दर्शन की
महत्त्वपूर्ण कृति ‘मेरे भगत सिंह’ पंकज चतुर्वेदी जी की पुस्तक है। ‘क्रांतिवीर
मदारी पासा’ ब्रजमोहन जी का उपन्यास है।
2 . काव्य/ ग़जल कृतियों में…
अनुभव यात्रा पर आधारित
काव्य कृति ‘लम्हों का सफर’ की कवयित्री डॉ. जेन्नी शबनम जी हैं। ‘भावनाओं के
घरौंदे’ डॉ. कुँवर सिंह दिनेश जी द्वारा संपादित स्त्री विमर्श पर आधारित काव्य
कृतियों का संकलन है। ‘तेरे इश्क़ में गिरफ्तार हुआ’ डॉ. लालित्य ललित जी का काव्य संग्रह
है। वेदना की सरस रागात्मक अभिव्यक्ति ‘घुँघरी’ पारम्परिक और जापानी छंदों से डॉ.
कविता भट्ट जी की काव्य-कृति है। सतरंगी सपनों की दुनिया ‘तुम सर्दी की धूप’
रामेश्वर काम्बोज जी की काव्य कृति है।
समय की विसंगतियों से
टकराती ‘सोच का मौसम गर्म है’ हरेराम समीप जी का ग़जल-संग्रह है। सामाजिक सरोकार की
कविताएँ ‘आलोक के क्षणों में’ डॉ. कुँवर दिनेश सिंह जी की कविताओं का संग्रह है।
वैराग्य बोध से उपजी कविताएँ ‘एक यात्रा ऐसी भी’ कैलाशनाथ खंडेलवाल जी की कविता-
कृति है। ‘नहीं रहना मुझे पिंजरबद्ध’ डॉ. शिप्रा मिश्रा जी की काव्य -पुस्तक है
जिसमें मुक्तिमार्ग की तलाश करती कविताएँ हैं। ‘भूल बैठा हूँ जिसे’ कुछ बेहतर
ढूँढती विज्ञानव्रत जी की गजलों का संग्रह है।
3 . पारंपरिक छंद एवं जापानी छंदों में…
‘मन मल्हार गाए’
सुदर्शन रत्नाकर जी का सेदोका संग्रह है। ‘बंद कर लो द्वार’ अभिनव बिम्बों से सजा
हाइकु- संग्रह है जिसके कवि रामेश्वर काम्बोज हिमांशु जी हैं। ताँका और सेदोका से
सुसज्जित ‘तीसरा पहर’ रामेश्वर काम्बोज जी की पुस्तक है। ‘वर्ण सितारे’ ऋता शेखर
मधु का हाइकु संग्रह है। वैश्विक हिन्दी हाइकु का उत्कृष्ट संकलन ‘स्वर्ण शिखर’ के
सम्पादक रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ जी और हरदीप संधु जी हैं। सम्भावनाओं के द्वार
खोलते ‘खिले हैं शब्द’ आशा पांडेय जी का प्रथम हाइकु- संग्रह है।
छंद विधान एवं सृजन पुस्तक
रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ जी की है जिसे शिवजी श्रीवास्तव जी ने छंद साधना की
अनुपम कृति कहा है। भारतीय मिट्टी की सोंधी महक से सुवासित ‘प्रवासी मन’ डॉ.
जेन्नी शबनम जी का हाइकु संग्रह है। पुष्पा मेहरा जी का हाइकु संग्रह ‘झील दर्पण’
सरस हाइकुओं की सुंदर झील है।
4 . कहानी/ लघुकथा/उपन्यासों में…
डॉ. कुँवर दिनेश सिंह का
कहानी संग्रह ‘जब तक जिंदा हैं’ है। ‘पिंजड़ा’ डॉ. पूरन सिंह जी का कहानी संग्रह
है। ‘लघुकथा का वर्तमान परिदृश्य’ लघुकथा समालोचना पर रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’
जी की पुस्तक है। तटस्थ समीक्षा दृष्टि की कृति ‘निकष: बत्तीस’ स्मृति शुक्ल जी की
विभिन्न साहित्यिक कृतियों पर लिखी गई समीक्षाओं का संग्रह है। मुनीश त्रिपाठी जी
की कृति ‘विभाजन की त्रासदी’ इतिहास के पृष्ठों का पुनर्मूल्यांकन है।
‘स्त्री-पुरुष सम्बन्धों की लघुकथाएँ’ सुकेश साहनी जी की कृति है।
समकालीन ग्राम्य जीवन का
अनकहा सच ‘अँगूठे पर वसीयत’ शोभनाथ शुक्ल जी का उपन्यास है। बदलाव की कहानियाँ
‘सफ़ेद गुलाब’ हरपाल सिंह ‘अरुष’ जी का कहानी संग्रह है। स्त्री जीवन के संघर्ष की
कहानियाँ ‘दहलीज़ के उस पार’ लेखिका अरुण कमल जी का कहानी-संग्रह है।
मुक्तिचेता स्त्रियों की
जीवन गाथाएँ ‘सपनों के ढाई घर’ रश्मि शर्मा जी का कहानी-संग्रह है।‘दोष किसका था’
सुदर्शन रत्नाकर जी की कृति है जिसमें मध्यवर्ग की व्यथा-कथा की कहानियाँ हैं।
5 . नवगीतों में…
आम आदमी की व्यथा कथा
‘रोटी का अनुलोम विलोम’ शिवानन्द जी सहयोगी जी का नवगीत संग्रह है।
‘सृजन-दृष्टि’ पुस्तक पढ़ते हुए एक साथ कई
लेखकों की पुस्तकों से रु-ब-रु होना अनमोल अनुभव है। मूल्यांकन के साथ- साथ
प्रकाशक,
पृष्ठ, मूल्य
और संस्करण वर्ष का संकलन करने के लिए डॉ. शिवजी श्रीवास्तव जी साधुवाद के पात्र
हैं। मुझे यह पुस्तक उपहार स्वरूप मिली है और इसमें मेरी पुस्तक ‘वर्ण सितारे’ का
भी ज़िक्र होना मेरे लिए हर्ष की बात है। इसके लिए बहुत बहुत आभार। आगे भी यह सृजन
दृष्टि बनी रहे।
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डॉ शिवजी श्रीवास्तव जी की सद्म प्रकाशित महत्वपूर्ण पुस्तक ‘सृजन-सृष्टि’ का बहुत सुंदर विश्लेषण किया है ऋचा शेखर ‘मधु’ जी । आप दोनों के हार्दिक बधाई ।सुदर्शन रत्नाकर
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