पथ के साथी

Monday, September 16, 2019

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भावना सक्सैना

सपने बीजते हैं...

सड़क किनारे 
उग आई बस्तियों में भी 
होते हैं वही सुख-दु: 
सपने, आस-उम्मीदें।

  चित्र; प्रीति अग्रवाल,
आसमाँ को काटती
ईंटों पर धरी टीन 
कतर नहीं पाती 
पंख सपनों के।

टीन- तले पसरी भूमि 
होती नहीं है परती।
उसमें गिरे स्वेद-कण
बीजते, पनप जाते हैं

बाँस के कोनों पर बँधे 
तिरपाल की टप-टप से
नम भूमि में जन्म लेती है 
असीम संभावनाएँ

झिंगोले में पड़े बूढ़े पंजर
होते हैं सपनों की कब्रगाह
आँखें मगर उलीच पाती नहीं
भविष्य की संभावनाएँ

अनकही दास्ताँ दर्द की
देती है दंश बार-बार
उफनते हैं सीने में
अधूरे ख्वाबों के खारे समंदर

मेहनतकश बाजुएँ
झोंक देती हैं जान,
हार जाती हैं अक्सर
करते बुर्जुआ बुर्जों का निर्माण।

फिर भी सपने बीजते
पनपते रहते हैं
जीते रहने के लिए
हौसला मन को दिए रहते हैं।

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13 comments:

  1. उफनते हैं सीने में, अधूरे ख़्वाबों के खारे समुंदर....वाह! बहुत खूब भावना जी,सुंदर रचना के लिए हार्दिक बधाई।

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  2. बहुत सुंदर,मनुष्य की जिजीविषा और सपने हर परिस्थिति में बेहतरी की सम्भावनाएं तलाश लेते हैं।झुग्गी-झोपड़ी के जीवन का प्रभावी चित्र। बधाई भावना जी।

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  3. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (18-09-2019) को    "मोदी स्वयं सुबूत"    (चर्चा अंक- 3462)    पर भी होगी। --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
     --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'  

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  4. बहुत सुंदर कविता।

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  5. बहुत ही मर्म स्पर्शी रचना ।
    हार्दिक शुभकामनाएँ भावना जी

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  6. बहुत सुन्दर रचना भावना जी |बांस के कानों से बंधे तिरपाल की टप टप से ....अति सुन्दर भाव |बधाई स्वीकारें |

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  7. सपने हर हालात में पलते ही हैं। सपनों को पूरा करने की आस में व्यक्ति विषम परिस्थितियों में भी संघर्ष करता रहता है। सपने ही मनुष्य को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते है।

    बहुत ही सुंदर रचना है। इस कविता को पढ़कर 'अरुण कमल' की कविता 'नए इलाके में' की याद ताज़ा हो गई।

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  8. मेरी कविता को सहज साहित्य पर स्थान देने के लिए आदरणीय काम्बोज भैया का हृदय से आभार।
    उत्साहवर्धके टिप्पणियों के लिए आप सभी का सहृदय अनन्त आभार।
    सादर
    भावना

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  9. बहुत ही भावपूर्ण कविता, हार्दिक बधाई भावना जी।

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  10. सत्य को उकेरती मर्मस्पर्शी रचना! सुंदर सृजन हेतु बहुत बधाई आपको भावना जी!

    ~सादर
    अनिता ललित

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  11. सारगर्भित संयोजन।

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  12. बहुत ही बढ़िया व भावपूर्ण कविता, हार्दिक बधाई भावना जी आपको !!

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  13. बहुत सुंदर और भावपूर्ण कविता भावना जी

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