पथ के साथी

Sunday, August 18, 2019

924


प्रीति अग्रवाल 'अनुजा'

1-सिर्फ़ मैं

ये अहं ,
बड़ा दुखदायी है,
अजगर सी ,
कलस्याही है,

जिससे इसको 
दूध पिलाया,
समझो लिखी
जुदाई है!
                              
-0-
2: रज़ामंदी

सोचती हूं क्या माँगू?
जो तूने ,
एक ह का
हकदार किया!

चल,
यों कर मौला-
तेरी रज़ा 
और मेरी रज़ा
एक हो जाए!

कभी तू कहे
तो मैं मान जाऊँ,
और कभी मैं कहूँ
तो तू मान जाए!!
-0-
3-क़्त

समझने लगी हूँ
वक्त को
वक्त की नज़ाकत को !

सोचती तब भी थी
सोचती अब भी हूँ,
बस
ज़ाया हो वक़्त
ये हिमाकत नहीं!!
-0-
4- बधाई

अम्मा जी बधाई
घर आपके,
लक्ष्मी है आई!!
अम्मा हर्षाई।

बाबा तुनके,
बोझा है ढोना
जो सारी उमर,
शर्फ़ी की बोरी
कहने से,
क्या होगा कम!!??
-0-
5-पतंग

मैं रंगीली
और मनचली
नील गगन
की और उड़ी!

फिक्र मुझे
न धरा पड़ूँ,
न शून्य में
खो जाने का।

मैं इतराऊँ
मन मुस्काऊँ,
डोरी तेरे
हाथ थमी !!
-0-
6- श्याम बसेरा (ब्रज भाषा में)

देख ले हरिया-
मोरे मन श्याम बसेरा,
पहले ही दीजू कहाए,
अब ब्याहे ,तो ब्याह ले!!

हरिया हासा -
ले मिल गई जोड़ी
मेरो मन भी श्याम समाए!!!
-0-
7- मैं

ये 'मैं' की अकड़,
ये 'मैं' की तड़ी,
देखो न कितनी 
भारी पड़ी!

मकड़ी हो जैसे
जाल मे फँसी,
दुनिया ये सारी,
अकेली खड़ी!!
-0-
8-सूझबूझ

मिल बैठ ग्वलनियाँ
करे सुझाई,
किसना नाम 
कोई मत राखियों
घनो सतावै!!

राम दुहाई!
कैसी मत बिसराई,
गाँव भर अब,
गोपाल गोविंद,
मुरारी कन्हाई!!
-0-

16 comments:

  1. बहुत सुन्दर

    ReplyDelete
    Replies
    1. हार्दिक धन्यवाद ओंकार जी!

      Delete
  2. गागर में सागर! बहुत सुंदर रचनाएँ...प्रीति जी हार्दिक बधाई।

    ReplyDelete
    Replies
    1. कृष्णा जी आप मेरी छोटी सी कोशिश को इतना स्नेह देती है,मेरा सौभाग्य!!

      Delete
  3. अशर्फ़ी की बोरी.... बहुत सुंदर
    प्रीति जी सुंदर रचनाओं के सृजन के लिए हार्दिक अभिनन्दन

    ReplyDelete
    Replies
    1. पूर्वा जी मैं आपके काम से बहुत प्रभावित हूँ, और आप जो मेरा मान बढ़ाती हैं, उसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद!!

      Delete
  4. सभी रचनाकारों के बहुत सुन्दर उद्गार ।

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपके प्रोत्साहन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद विभा जी!

      Delete
  5. प्रीती जी सभी रचनाएं सुन्दर भावों से परिपूर्ण हैं हार्दिक बधाई स्वीकारें |

    ReplyDelete
  6. सविता जी आपने मेरे काम को सराहा, मेरे लिए ये बहुत मायने रखता है, यू ही हौसला बढ़ाती रहिये!!

    ReplyDelete
  7. बहुत सुन्दर सृजन के लिए हार्दिक बधाई प्रीती जी !

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपका तहे दिल से शुक्रिया ज्योत्सना जी!

      Delete
  8. एक से बढ़कर एक रचनाएँ! बहुत-बहुत बधाई प्रीति जी!

    ~सादर
    अनिता ललित

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपके स्नेह भरे प्रोत्साहन के लिए बहुत बहुत आभार अनिता जी!

      Delete
  9. भावपूर्ण सुंदर रचनायें प्रीति जी।
    शुभकामनाएं
    भावना सक्सैना

    ReplyDelete
  10. भावना जी आपकी शुभकामनाएं अत्यंत आवश्यक !हौसला बढ़ाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद!

    ReplyDelete