पथ के साथी

Saturday, February 18, 2023

1290-काँपती किरनें

 रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'


13 comments:

  1. भावपूर्ण रचना
    लहरों का तन कोरा... चाँद की पलकें झुकी... बहुत सुंदर
    बधाई गुरुवर

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  2. रसपगी पंक्तियाँ, बधाई हो सर

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  3. बहुत सुन्दर नवगीत. हार्दिक बधाई भैया.

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  4. बहुत सुन्दर भावपूर्ण...हार्दिक बधाई भाईसाहब

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  5. बहुत ही सुन्दर पंक्तियाँ हार्दिक बधाई आपको।

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  6. वाह,बहुत सरस एवं भावपूर्ण नवगीत।हार्दिक बधाई

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  7. वाह!अत्यधिक सुंदर। हार्दिक बधाई आदरणीय।

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  8. बहुत सुंदर, भावपूर्ण अभिव्यक्ति। धन्यवाद आदरणीय!

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  9. बहुत ख़ूब लिखा है भाई कामबोज जी। हार्दिक बधाई।

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  10. माफ़ करिएगा नाम लिखना भूल गई थी। सविता अग्रवाल “ सवि”

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  11. कितना सुंदर लिखा सर बधाई

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  12. अति सुंदर, सरस नवगीत। बधाई। सुदर्शन रत्नाकर

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  13. बहुत ही सुन्दर भावपूर्ण नवगीत।
    हार्दिक बधाई आदरणीय गुरुवर को 🌹💐

    सादर

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